पालघर: स्थलांतरित निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए शिक्षा की नई पहल।"जिला परिषद विद्यालय में 14 बच्चों का नामांकन, पुस्तकें व गणवेश वितरित"
पालघर: स्थलांतरित निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए शिक्षा की नई पहल।
"जिला परिषद विद्यालय में 14 बच्चों का नामांकन, पुस्तकें व गणवेश वितरित"
अखिलेश चौबे
पालघर। स्थलांतरण के कारण शिक्षा से वंचित रहने वाले निर्माण श्रमिकों के बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पालघर जिले में प्रवासी निर्माण मजदूरों के 14 बच्चों को जिला परिषद विद्यालय, आनंदाश्रम में विधिवत रूप से नामांकित कराया गया। इस अवसर पर बच्चों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें और विद्यालयी गणवेश भी प्रदान किए गए।
प्रवासी परिवारों के बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इस उद्देश्य से जिला कलेक्टर कार्यालय पालघर, स्पर्श फाउंडेशन और शिक्षा विभाग पालघर द्वारा संयुक्त रूप से त्वरित सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण के बाद इन बच्चों को नजदीकी जिला परिषद विद्यालय में प्रवेश दिलाया गया।
इस कार्यक्रम में जिला कलेक्टर डॉ. इंदू राणी जाखड़ और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे के हाथों विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें और गणवेश वितरित किए गए तथा उनका स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक शिक्षा अधिकारी सोनाली मातेकर, पंचायत समिति के समूह शिक्षा अधिकारी निमिष मोहिते, बीट विस्तार अधिकारी नीलम पाष्टे, केंद्र प्रमुख विनोद पाटील, स्पर्श फाउंडेशन के पदाधिकारी एवं सदस्य, निर्माण श्रमिक अभिभावक तथा नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
पालघर जिले में प्रवासी परिवारों के बच्चों को निकटवर्ती जिला परिषद विद्यालयों में दाखिल कर शिक्षा के प्रवाह से जोड़ने की यह मुहिम समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने की दिशा में एक सशक्त और सराहनीय कदम मानी जा रही है।
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