पालघर: मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान के अंतर्गत कर छूट की समय-सीमा बढ़ाने की मांग।"ग्राम पंचायत कर थकबाकी में व्यावहारिक सुधार हेतु प्रशासन को सौंपा गया निवेदन"
पालघर: मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान के अंतर्गत कर छूट की समय-सीमा बढ़ाने की मांग।
"ग्राम पंचायत कर थकबाकी में व्यावहारिक सुधार हेतु प्रशासन को सौंपा गया निवेदन"
अखिलेश चौबे
पालघर। मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायतों द्वारा वसूले जाने वाले निवासी संपत्ति कर, जल कर तथा विद्युत कर सहित अन्य करों की थकबाकी पर दी जा रही 50 प्रतिशत छूट की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 को आगे बढ़ाने तथा संबंधित शासन निर्णय में व्यावहारिक त्रुटियों को दूर करने की मांग को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की ओर से प्रशासन को औपचारिक निवेदन सौंपा गया।
यह निवेदन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रांत अध्यक्ष एवं सांसद सुनील तटकरे तथा पालघर जिले के जिलाधिकारी को संबोधित किया गया है।
निवेदन मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान के अंतर्गत जारी शासन निर्णय क्रमांक वी.पी.एम.-2025/प्रकरण क्रमांक 62, दिनांक 13 नवंबर 2025 के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया।
इस विषय में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के जिला उपाध्यक्ष विशाल प्रतिभा पांडुरंग मोहोड ने जिला परिषद पालघर के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंद्र शिंदे से प्रत्यक्ष भेंट कर विस्तृत निवेदन सौंपा।
इस अवसर पर जिला सरचिटणीस किसन जाधव तथा रमाकांत पाटील भी उपस्थित थे।
निवेदन में उल्लेख किया गया कि मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान के अंतर्गत कर थकबाकी पर 50 प्रतिशत छूट की योजना सराहनीय है, किंतु सामाजिक स्तर पर यह देखा गया है कि 31 दिसंबर 2025 तक की समय-सीमा कई नागरिकों के लिए अपर्याप्त सिद्ध हो रही है। अतः करदाताओं को राहत देने के उद्देश्य से इस छूट योजना की अवधि में अतिरिक्त वृद्धि की आवश्यकता है।
इसके साथ ही निवेदन में यह भी मांग की गई कि जो नागरिक नियमित रूप से घर कर का भुगतान करते रहे हैं, उनके साथ न्याय करते हुए उन्हें कम से कम छह माह की घर कर माफी दी जाए। साथ ही जिन नागरिकों ने 50 प्रतिशत छूट का शासन निर्णय आने से पहले ही पूर्ण कर राशि जमा कर दी है, उन्हें भी इस योजना के अंतर्गत समायोजन अथवा विशेष राहत प्रदान की जाए।
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निवेदन में ग्राम पंचायत, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र में निवास करने वाले वृद्ध नागरिकों, विधवा महिलाओं तथा बेरोजगार (आयहीन) परिवारों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उनकी घर कर देयता पूर्णतः माफ करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
इसके अतिरिक्त एक गंभीर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा गया कि अनेक आवासीय परिसरों में घर कर अब भी बिल्डर के नाम पर दर्ज है। ऐसे मामलों में वास्तविक निवासियों को बैंक, सरकारी कार्यालयों और अन्य प्रशासनिक कार्यों में घर कर रसीद की आवश्यकता होती है, किंतु बिल्डर द्वारा कर भुगतान नहीं किए जाने से नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अतः इस विषय में शासन निर्णय में तत्काल सुधार कर व्यावहारिक समाधान निकाला जाना आवश्यक है।
निवेदन के माध्यम से यह भी आग्रह किया गया कि मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान के अंतर्गत जारी शासन निर्णय में सामने आई व्यावहारिक और सामाजिक त्रुटियों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए तत्काल प्रभावी अमल सुनिश्चित किया जाए, जिससे आम नागरिकों को वास्तविक राहत मिल सके।
इस संपूर्ण विषय को लेकर जिला उपाध्यक्ष विशाल प्रतिभा पांडुरंग मोहोड ने प्रशासन से सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा जताई है।
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