पीएम मोदी आज रखेंगे वाढवन बंदरगाह की आधार शिला, विश्व के टॉपटेन बंदरगाह में सुमार होगा वाढवन 24 मिलियन टन क्षमता वाले पोर्ट पर 76,200 करोड़ की आयेगी लागत..!

पीएम मोदी आज रखेंगे वाढवन बंदरगाह की आधार शिला, विश्व के टॉपटेन बंदरगाह में सुमार होगा वाढवन 24 मिलियन टन क्षमता वाले पोर्ट पर 76,200 करोड़ की आयेगी लागत..! 

पालघर..! देश में बदलाव की हो रही नई शुरुआत के तहद यहां डहाणू के समीप पड़ोसी राज्य गुजरात की सीमा पर विश्व विख्यात शीर्ष के टॉपटेन में शामिल होने जा रहे वाढवन बंदरगाह का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शुक्रवार, 30 अगस्त को आधार शिला रखनें आ रहे है। उक्त आशय की जानकारी केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर स्थित 'द फर्न शेल्टर रिसोर्ट, पालघर में आयोजित गुरुवार, 29 अगस्त को पत्रकार वार्ता के दौरान कल वाढवन पोर्ट के प्रधानमंत्री द्वारा होने वाली शिलान्यास को लेकर विस्तार से दी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस पोर्ट से जहां ट्रैफिक गति सुधरेगी वहीं 1,4,48 हेक्टेयर में यह पोर्ट दो फेज में तैयार होगा। जो वाढवन पोर्ट प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के नाम से जाना जायेगा। विस्थापितों का हर संभव सहयोग और रोजगार, स्किल डेवलपमेंट करके नौकरी देने की बात करते केंद्रीय मंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल और नीजी क्षेत्र की भागीदारी की बात कही। पहला चरण 2028 तक शुरु होने का भरोसा दिलाया। 
प्रेस वार्ता को टी. के. रामचंद्रन सेक्रेटरी पोर्ट, शिपिंग एंड वाटर, केंद्रीय पोर्ट व जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद डा. हेमंत वि.सवरा, उमेद शरद वाघ चेयरमैन जेएनपीए एंड एमडी वीपीपीएल, संयुक्त सचिव आर. लक्ष्मण भी मौजूद रहे।

◾बेहद खास होगा वाढवन पोर्ट 👇
प्रेस वार्ता में बताया गया कि वाढवन में बनने जा रहा पोर्ट प्रधानमंत्री गति शक्ति कार्यक्रम के तहद 12 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार का अवसर प्रदान करेगा। यह पोर्ट दुनिया के दस बंदरगाहों में सुमार होगा। गहरे पानी के इस बंदरगाह भुमि अधिग्रहण के साथ तकरीबन 76,200 करोड़ रुपये में तैयार होगा। यह परियोजना महाराष्ट्र के वाढवन में ग्रीनफील्ड डीप ड्राफ्ट बंदरगाह के रुप में विकसित किया जाना है।

◾शिलान्यास में होगें शामिल :- पालघर मुख्यालय के पास होने वाले शिलान्यास कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, अजीत पवार समेत अनेक मंत्री गण, जनप्रतिनिधियों समेत गणमान्यजनों को शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस पोर्ट को पुरी तरह निर्माण में लगभग दो दशक का समय लगने वाला है। यहां से तेल, रसायन, सीमेंट और कोयला का ट्रांसपोर्ट सुगमता से आरंभ होगा। 24 मिलियन टीईयू से ज्यादा (लगभग बीस फुट समतुल्य इकाइयों) से अधिक इसकी क्षमता आंकी जा रही है जो अबतक के भारत में मौजूद बंदरगाह प्राकृतिक लिमिटेशन उपलब्ध नही करा सकते है।

अखिलेश चौबे 
सतर्क इंडिया 
7020967978

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