पालघर: शिक्षा क्रांति की ओर बड़ा कदम: जिला परिषद और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के बीच ऐतिहासिक समझौता, हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ।

पालघर: शिक्षा क्रांति की ओर बड़ा कदम: जिला परिषद और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के बीच ऐतिहासिक समझौता, हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ।

अखिलेश चौबे 
पालघर। जिले के शिक्षा क्षेत्र में व्यापक और दीर्घकालीन बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला परिषद पालघर और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से “पालघर जिला शिक्षा रूपांतरण कार्यक्रम” के अंतर्गत बहु-भागीदार सामंजस्य करार (Multi-Partner MoU) जिला परिषद मुख्यालय में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे की प्रमुख उपस्थिति रही।
इस कार्यक्रम में मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन की अध्यक्षा सुनीता अग्रवाल, शिक्षा परियोजना संचालक पूर्वशा रॉय, जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) व्यंकटराव हुंडेकर, क्वेस्ट संस्था के संचालक नितीन विशे, लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन की उपाध्यक्ष रूपा भट्टाचार्य, लीडरशिप फॉर इक्विटी की संचालिका अहोना कृष्णा, लाइटहाउस कम्युनिटीज फाउंडेशन की प्रतिनिधि अमृता बहुलेकर, राहुल नागरे, तुषार मराड सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, आंगनवाड़ी सेविकाएं और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
पालघर जिला अपनी आदिवासी जनसंख्या, भौगोलिक चुनौतियों और सामाजिक-आर्थिक विविधताओं के लिए जाना जाता है। यहां के विद्यार्थियों में अपार संभावनाएं होने के बावजूद गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) संस्थाएं और स्वयंसेवी संगठन एक मंच पर आए हैं।
इस शिक्षा रूपांतरण कार्यक्रम के तहत विद्यालयों की तैयारी, मूलभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान (FLN), शिक्षकों का क्षमता विकास, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, स्कूल-समुदाय सहभागिता, विद्यार्थियों के अंग्रेजी संवाद कौशल, करियर मार्गदर्शन तथा युवाओं के लिए रोजगार उन्मुख कौशल विकास जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर कार्य किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से स्कूल, आंगनवाड़ी, शिक्षक, अभिभावक, समुदाय और युवाओं को एक साझा विकास ढांचे में जोड़ते हुए स्थायी परिवर्तन लाने का लक्ष्य रखा गया है।
मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन इस कार्यक्रम को आर्थिक, नीतिगत और प्रबंधन स्तर पर सहयोग प्रदान करेगा। इसके साथ ही विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से जिले के हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों, आंगनवाड़ी सेविकाओं और युवाओं को लाभ मिलेगा। लीडरशिप फॉर इक्विटी संस्था शिक्षकों की क्षमता और शैक्षणिक गुणवत्ता पर कार्य करेगी, लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास एवं अंग्रेजी संवाद कौशल को सुदृढ़ करेगी, क्वेस्ट संस्था आंगनवाड़ी एवं पूर्व-प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर कार्य करेगी, जबकि लाइटहाउस कम्युनिटीज फाउंडेशन युवाओं के कौशल विकास और रोजगार अवसरों को बढ़ावा देगा।
इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे ने कहा कि यह समझौता पालघर जिले के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि विभिन्न संस्थाओं के सामूहिक प्रयास से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण, आंगनवाड़ी को मजबूती और युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे पालघर एक आदर्श शिक्षा मॉडल के रूप में उभरेगा।
वहीं मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन की अध्यक्षा सुनीता अग्रवाल ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पालघर जिले के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा, कौशल विकास और उज्ज्वल भविष्य के अवसर प्रदान करना है। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा में परिवर्तन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रत्येक शिक्षक को आवश्यक सहयोग और प्रत्येक युवा को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करने का सामूहिक संकल्प इस अवसर पर व्यक्त किया गया।
इस सामंजस्य करार के साथ ही पालघर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है, जिससे न केवल विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर ऊंचा होगा, बल्कि एक सशक्त, कुशल और जिम्मेदार समाज के निर्माण की दिशा में भी यह पहल मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम के अंत में राहुल नागरे ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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