पालघर: वसई-विरार महानगर पालिका पर फिर बहुजन विकास आघाड़ी का कब्जा, महायुति की चुनावी गणित ध्वस्त।

पालघर: वसई-विरार महानगर पालिका पर फिर बहुजन विकास आघाड़ी का कब्जा, महायुति की चुनावी गणित ध्वस्त।

अखिलेश चौबे 
पालघर। जिले की एकमात्र महानगर पालिका वसई-विरार में एक बार फिर बहुजन विकास आघाड़ी का दबदबा कायम हो गया है। तमाम प्रयासों और दावों के बावजूद महायुति को इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। मतदाताओं के भरोसे पर जीत की उम्मीद लगाए बैठे महायुति के दिग्गज नेताओं की सारी चुनावी गणित पूरी तरह से फेल साबित हुई है।
वसई-विरार महानगर पालिका चुनाव के लिए बुधवार, 15 जनवरी को मतदान संपन्न हुआ था। मतदान के बाद महायुति खेमे में जीत को लेकर पूरे दिन ख्याली पुलाव पकता रहा, लेकिन अगले ही दिन शुक्रवार, 16 जनवरी को मतगणना के परिणामों ने महायुति के सभी दावों की हवा निकाल दी। मतगणना में बहुजन विकास आघाड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फिर से इतिहास दोहराया और महानगर पालिका पर अपना कब्जा जमा लिया।
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार 115 सीटों वाली वसई-विरार महानगर पालिका में बहुजन विकास आघाड़ी को मतदाताओं ने स्पष्ट बहुमत प्रदान किया है। बहुजन विकास आघाड़ी ने कुल 71 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि महायुति को मात्र 44 सीटों से संतोष करना पड़ा है।
महायुति में शामिल भारतीय जनता पार्टी को 43 सीटें मिली हैं, वहीं उसकी सहयोगी शिवसेना शिंदे गुट को केवल 1 सीट ही हाथ लग सकी है। इस चुनाव में शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अजित पवार गुट तथा अन्य सभी राजनीतिक दल अपना खाता भी नहीं खोल सके।
बहुजन विकास आघाड़ी के सर्वेसर्वा और पूर्व विधायक हितेंद्र ठाकुर ने एक बार फिर अपने मजबूत राजनीतिक आधार और जनता के विश्वास को साबित करते हुए वसई-विरार महानगर पालिका में विरोधियों को वास्तविकता से परिचित करा दिया है। इस जीत के साथ हितेंद्र ठाकुर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वसई-विरार क्षेत्र में बहुजन विकास आघाड़ी की पकड़ अब भी मजबूत है और जनता ने एक बार फिर उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया है।
इस ऐतिहासिक जीत के बाद वसई-विरार महानगर पालिका की राजनीति में बहुजन विकास आघाड़ी का वर्चस्व और अधिक मजबूत हो गया है, जबकि महायुति को आत्ममंथन करने की जरूरत पड़ गई है।

Comments